अधिकारी AC में मासूमों को पंखा तक नसीब नहीं, देखें पूरी रिपोर्ट

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पीलीभीत। एक तरफ योगी सरकार स्कूल में पढ़ने वाले मासूमों की उच्च शिक्षा पर रखरखाव की व्यवस्था सुधारने की कोशिश कर रही है वहीं अधिकारियों की मनमानी के चलते यह मासूम बच्चे गर्मी में तपती छत के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं। मामला पीलीभीत के शहर स्थित बाग गुलशेर खां प्राथमिक विद्यालय का है, जहां आज तक अधिकारियों की मनमानी के चलते विद्युतीकरण नहीं हो पाया है। स्कूल में न पंखे हैं और न कोई बल्व। बिना बिजली के मासूम स्कूल में पढ़ने को मजबूर हैं।

पीलीभीत के नगर क्षेत्र में स्थित प्राथमिक विद्यालय बाग गुलशेर खा में स्कूल में आज तक विद्युत कनेक्शन नहीं हो पाया है, 2012 में बनी स्कूल की बिल्डिंग निर्माण में हुए भ्रष्टाचार को खुद बयां कर रही है। स्कूल की छत जर्जर हालत में है। बरसात में आलम यह हो जाता है कि छत टपकने लगती है और बच्चों को पास के स्कूल में शिफ्ट करना पड़ता है। गर्मी में भी इन मासूमों को पंखों की हवा नहीं मिलती। कहने को तो हाल ही में कुछ दिनों पहले जिले के 800 से अधिक स्कूलों को विद्युतीकरण के लिए 21000 हजार रुपये प्रति स्कूल मिले थे पर अधिकारियों की मनमानी कहें या लापरवाही जो इस स्कूल का नाम लिस्ट में शामिल नहीं किया गया। ये प्राथमिक विद्यालय बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय से 20 कदम की दूरी पर है, आज तक एसी में बैठने वाले इन जिम्मेदारों की गर्मी में झुलस रहे इन मासूमों की ओर नजर नहीं गयी।

वहीं बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में एसी लगी है, भले ही पीलीभीत के बीएसए देवेंद्र स्वरूप अपने कार्यालय में मौजूद न हों पर एसी की ठंडक दीवालों को जरूर मिलती है। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि बीएसए साहब अपने कार्यालय में नहीं हैं फिर भी बिजली दोहन जारी है। पंखे और एसी की ठंडक कुर्सी मेज ले रही हैं।