कश्मीर में ‘हिंदू और मुसलमान’ वाला एंगल ले आए ट्रंप! राष्ट्रपति ने फिर अलापा मध्यस्थता का राग

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तानी पीएम इमरान खान से फोन पर बातचीत के बाद जम्मू-कश्मीर मामले में एक बार फिर मध्यस्थता की पेशकश की है। हालांकि इस बार उन्होंने जम्मू-कश्मीर मामले को धार्मिक दृष्टिकोण देने की कोशिश की। मंगलवार (20 अगस्त, 2019) को वाशिंगटन डीसी स्थित व्हाइट हाउस में कश्मीर मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने कहा, ‘उन दोनों देशों के बीच जबरदस्त समस्याएं हैं। मध्यस्थता के लिए जो भी बेहतर हो सकेगा, मैं वो करूंगा। दोनों देशों के साथ हमारे अच्छे संबंध हैं, मगर इन दोनों के रिश्ते बिल्कुल भी अच्छे नहीं हैं।’

उन्होंने मामले को धार्मिक एंगल देने की कोशिश करते हुए कहा, ‘कश्मीर बेहद जटिल जगह है। यहां हिंदू हैं और मुसलमान भी और मैं नहीं कहूंगा कि उनके बीच काफी मेलजोल है।’ पूर्व में भी कश्मीर पर मध्यस्थता की पेशकश कर चुके ट्रंप ने संकेत दिए कि सप्ताह के आखिर में वह पीएम मोदी के समक्ष कश्मीर मुद्दे को उठाएंगे। उम्मीद है कि फ्रांस के ग्रुप ऑफ सेवन (जी 7) के शिखर सम्मेलन में दोनों नेताओं की मुलाकात होगी।

ट्रंप के मुताबिक उन्हें लगता है कि मौजूदा हालात में वह दोनों देशों की मदद कर रहे हैं। बीते सोमवार को ट्रंप ने पीएम मोदी और पीएम इमरान से फोन पर बात की थी। इस दौरान दोनों देशों से कश्मीर में तनाव कम करने की दिशा में काम करने को कहा। उन्होंने पाकिस्तान को सलाह दी कि कश्मीर के चलते भारत पर बयानबाजी कम करे।

सोमवार को हुई बातचीत में मोदी ने ट्रंप से कहा कि इस क्षेत्र के कुछ नेताओं की तीखे बयानबाजी और भारत के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा देना शांति के अनुकूल नहीं है। कुछ नेताओं द्वारा तीखी बयानबाजी करने संबंधी मोदी की टिप्पणी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की ओर स्पष्ट इशारा थी। खान पिछले कुछ दिनों से मोदी सरकार और भारत की कार्रवाई के खिलाफ भड़काऊ बयान दे रहे हैं।

प्रधानमंत्री कार्यालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार मोदी और ट्रंप के बीच आधे घंटे तक बातचीत चली। यह बातचीत ‘‘गर्मजोशी भरी और सौहार्दपूर्ण’’ तरीके से हुई, जो दोनों नेताओं के बीच संबंधों को दर्शाती है। इस दौरान द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मामलों पर बातचीत की गई।