दिल्ली विधानसभा चुनाव में किसकी बनेगी सरकार कौन होगा मुख्यमंत्री… देखिए सबसे सटीक विश्लेषण

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देश भर में एक बार फिर चुनाव को लेकर माहौल गरमाने लगा है हाल ही में झारखंड विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर लगातार चर्चा हो रही है इसी बीच चुनाव आयोग ने दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर भी एलान कर दिया है वहीं दूसरी तरफ सभी राजनीतिक दल अपने प्रत्याशियों के चयन में लगे हुए हैं.

इस बार सभी राजनीतिक दल मजबूत से मजबूत उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतारने के लिए कड़ी कोशिश कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री चेहरे के तौर पर अभी तक सिर्फ अरविंद केजरीवाल सामने है तो वहीं दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी की तरफ से मनोज तिवारी को चेहरा बताया जा रहा है लेकिन अभी पार्टी ने इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं तो इसलिए यह कहना बिल्कुल भी स्पष्ट नहीं होगा कि मनोज तिवारी जी भारतीय जनता पार्टी की तरफ से मुख्यमंत्री का चेहरा होंगे.

दिल्ली विधानसभा की चर्चा शुरू होते ही दिल्ली में एग्जिट पोल का सिलसिला शुरू हो गया है जिसमें सबसे पहले आनंद बाजार पत्रिका के एबीपी न्यूज़ ने पहला सर्वे किया है इस सर्वे के मुताबिक दिल्ली में मुख्यमंत्री चेहरे के रूप में सबसे लोकप्रिय नेता अरविंद केजरीवाल को माना गया है और वही उनके पीछे मनोज तिवारी और कांग्रेसी अजय माकन है.

हमारे सर्वे के अनुसार दिल्ली के अंदर इस वक्त केजरीवाल मजबूत स्थिति में है केजरीवाल के साथ गरीब तबके का वोट जुड़ा हुआ है तो वहीं भारतीय जनता पार्टी के साथ भी इसका कुछ वोट जा सकता है सबसे बड़ी चीज जिन मुद्दों पर भारतीय जनता पार्टी को साथ मिल रहा है उसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चेहरा सबसे अहम माना जा रहा है दिल्ली विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी नरेंद्र मोदी के चेहरे पर ही चुनाव लड़ेगी इस बात का स्पष्टीकरण सार्थकता नजर आ रहा है.

तो वहीं दूसरी तरफ गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में नागरिक संशोधन कानून और एनआरसी को लेकर जो बयान दिए हैं उससे साफ़ नज़र आता है कि भारतीय जनता पार्टी इसको इस बार इस मुद्दे को राजनीतिक मुद्दा बनाने के लिए दम लगा सकती है सबसे बड़ी बात यह है कि अरविंद केजरीवाल के साथ जो वोट जुड़ा हुआ है वह कांग्रेस के पाले में भी जा सकता है जिस तरह केजरीवाल को इससे पहले हुए विधानसभा चुनाव में फ़्लैश पावर मिली थी वह इस बार मिलती नहीं दिख रही है इस पर केजरीवाल मजबूत स्थिति में है लेकिन केजरीवाल के वोटों का बिखराव कांग्रेस की तरफ होता दिख रहा है.

अगर ऐसा होता है तो भारतीय जनता पार्टी के लिए दिल्ली विधानसभा की राह आसान हो जाएगी अगर आम आदमी और कांग्रेस के वोट में आपस में भी खराब होता है तो भारतीय जनता पार्टी को इसका सीधा बड़ा फायदा मिलने वाला है पिछले कुछ दिनों से गठबंधन को लेकर भी प्रयास वासी लगातार जारी है फिलहाल अभी तक गठबंधन को लेकर कोई भी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.
अगर वोट परसेंटेज की बात करी जाए तो 63 परसेंट वोट केजरीवाल के साथ नजर आता है 30 परसेंट वोट भाजपा के साथ है बचा कुचा वोट कांग्रेस के खाते में जाता दिख रहा है.