रोहिंग्या मुसलमानों का म्यांमार जाने से इंकार, बांग्लादेश ने पांच बसों और 10 ट्रकों….

0
1482

बांग्लादेश में रह रहे रोहिंग्या शरणार्थियों ने वापस म्यांमार जाने से इंकार कर दिया हैं। रोहिंग्या शरणार्थियों को म्यांमार वापस भेजने के लिए गुरुवार को पांच बसें और दस ट्रक बांग्लादेश के टेकनाफ शरणार्थी शिविर पहुंचे। लेकिन कोई भी रोहिंग्या मुसलमान सवार नहीं हुआ।

साल 2017 में सैन्य कार्रवाई के चलते म्यामां से भागने वाले मुसलमान अल्पसंख्यक समुदाय के 740,000 लोग अपनी सुरक्षा की गारंटी मिले बिना वापस लौटने से इनकार कर रहे हैं। साथ ही वह यह वादा किए जाने की मांग कर रहे हैं कि म्यामां उन्हें नागरिकता देगा।

रोहिंग्या नेता नोसिमा ने एक बयान में कहा, ‘‘म्यामां सरकार ने हमारा बलात्कार किया और हमारी हत्या की इसलिए हमें सुरक्षा की जरूरत है। बिना सुरक्षा के हम कभी वापस नहीं जाएंगे।’’ दक्षिण पूर्व बांग्लादेश में एक शिविर के रोहिंग्या सदस्य मोहम्मद इस्लाम ने कहा, ‘‘हमें नागरिकता, सुरक्षा की असली गारंटी और मूल जन्म स्थान का वादा चाहिए। इसलिए हमें स्वदेश भेजे जाने से पहले म्यामां सरकार से बात करनी होगी।’’

3,450 रोहिंग्याओं के पहले बैच को ले जाने के लिए मुहैया कराए गए वाहन टेकनाफ में शिविर में सुबह नौ बजे पहुंचे गए। लेकिन छह घंटे से भी अधिक समय बीतने के बाद कोई नहीं आया और वाहन खाली लौट गए। अधिकारियों ने बताया कि वे शुक्रवार को लौटेंगे। बांग्लादेश के शरणार्थी आयुक्त मोहम्मद अबुल कलाम ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हमने 295 परिवारों का साक्षात्कार किया लेकिन किसी ने भी अभी स्वदेश लौटने की इच्छा नहीं जतायी है।’’ उन्होंने बताया कि अधिकारी परिवारों से इस बाबत पूछते रहेंगे।

रोहिंग्या विस्थापन मुद्दे पर नजर रख रहे संयुक्त राष्ट्र (UN) ने बुधवार को कहा था कि शरणार्थियों की वापसी उनकी इच्छा से होनी चाहिए। बता दें कि पिछले दिनों बांग्लादेश के शरणार्थी शिविरों में रहने को मजबूर रोहिंग्या मुस्लिमों को वापस उनके देश म्यांमार भेजने के मामले में जापान ने बांग्लादेश और म्यांमार के बीच मध्यस्थता की पेशकश की थी। जापान के विदेश मंत्री तारा कोनो और बांग्लादेश के विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमिन के बीच हुई बैठक के दौरान यह पेशकश की गई थी।