कोर्ट ने दिया नेशनल हाईवे उखाड़ने का आदेश, किसानों ने दी थी अर्जी

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जहां तो पूरे देश में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है वहीं दूसरी तरफ अदालत ने 1 नेशनल हाईवे उखेड़ने का आदेश दे दिया है खास बात यह है कि यह कोई आम रोड नहीं है बल्कि देश का एक प्रमुख नेशनल हाईवे है यह आपको सुनने में बड़ा अजीब लगेगा लेकिन हकीकत यही है क नेशनल हाईवे बंद कर उखेड़ने का आदेश कोर्ट ने किसानों की अर्जी पर दिया है।

कोर्ट के आदेश के बाद जल्द ही नेशनल हाईवे को बंद कर दिया जाएगा कोर्ट ने तत्काल इस नेशनल हाईवे को उखाड़ने का आदेश जारी कर दिया है किसानों की अर्जी में कहा गया था कि यह एक किसान की 9 बीघा जमीन के ऊपर बना है और किसान ने कोर्ट की शरण ले ली थी केस भी जीत लिया था जिसके बाद किसान ने बताया है कि इस रोड को जल्दी ही उखेड़ दिया जाएगा अर्थ मूविंग मशीन तैयार खड़ी है अवैध तरीके से डाला हुआ रोड उखेड़ कर कोर्ट के आदेश का पालन किया जाएगा।

आपको बता दें सन 1951 में बनी अंबाला जगाधरी रोड नेशनल हाईवे 73 कहा जाता है इसी रोड को कोर्ट ने उखड़ने के आदेश दिए हैं यह रोड को कैस जालंधर के बीच कभी भी बंद किया जा सकता है दरअसल इस फैसले के पीछे 68 साल पहले एक किसान ने अर्जी दी थी और दावा किया था कि यह रोड हरिपुर चट्टानों से कचरा प्लांट के करीब 9 बीघे जमीन पर कब्जा कर बनाया गया है।

वहीं स्थानीय p.w.d. अधिकारियों से बात करने पर पता लगा है कि पीडब्ल्यूडी विभाग ने वैकल्पिक रास्ते की तैयारी शुरू कर दी है अधिकारियों ने बताया कि सड़क के पास ही करीब 100 फीट चौड़ी सरकारी जमीन है इस पर नई रोड बनाई जाएगी तब तक दादूपूर नालवी नहर के साथ-साथ बनी रोड से ट्रैफिक निकाला जाएगा यह रोड जगधारी यमुनानगर को एक बाईपास से जोड़ती है।

हालांकि सरकार ने इस जमीन के बदले दूसरी जमीन देने को भी कहा है लेकिन किसान परिवार का कहना है कि हम यह बात बिल्कुल भी नहीं मानेंगे क्योंकि जिस तरह हमें परेशान किया गया उससे के साथ लगता है कि सरकार कभी भी हमारे साथ धोखा कर सकती है वही आपके साथ परिवार सरकार से मुआवजा लेने को भी तैयार नहीं है किसान परिवार का कहना है सरकार ने करीब 68 साल हमारी जमीन को इस्तेमाल किया है इसके लिए माफ जा मिलना चाहिए।