बुलंदशहर हिंसा को लेकर देवबंद के बड़े मुफ्ती की सरकार से अपील, योगी करेंगे काम

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देवबंद के मुफ्ती की सरकार को ये नसीहत, वरना चुपचाप देते इस्तीफा

बुलंदशहर की घटना के बाद प्रदेश सरकार चौतरफा घिरी नजर आ रही है धर्म गुरुओं या राजनेता सरकार के ऊपर तीखे हमले कर रहे हैं और देश के अंदर माहौल खराब करने का आरोप लगा रहे हैं यही वजह है कि अब इसमें देवबंद उलेमा भी कूद पड़े हैं देश के बिगड़ते हालात पर अपनी चिंता जताते हुए मुफ्ती अरशद कासमी ने आरोपियों के लिए कड़ी सजा की मांग की है.।

बुलंदशहर में हुई घटना पर देवबंद के मुफ्ती असद कासमी ने कहा कि देश का माहौल खराब करने की पूरी कोशिश की जा रही है सरकार को उन लोगों को फांसी देना चाहिए जिन लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया अगर सरकार ऐसा नहीं करती है तो सरकार को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

मुफ्ती असद कासमी ने कहा बुलंदशहर में जो घटना हुई और वहां के होनहार पुलिस इस्पेक्टर सुबोध कुमार को जिस तरह से शहीद किया गया वह बेहद शर्मनाक है मैं इस बात की कड़ी निंदा करता हूं

एक तरफ तो मुख्यमंत्री योगी जी कहते हैं की देश संविधान से चलता है एक तरफ बीजेपी और दूसरी तरफ आर एस एस, विश्व हिंदू परिषद से ताल्लुक रखने वाले उनके ही लोग हैं कानून की खुली धज्जियां उड़ाए जा रही है और कानून के रखवालो को ही नहीं बख्श रहे हैं. प्रदेश के अंदर अपराधियों में बिल्कुल भी कानून का खौफ नहीं है यही वजह है कि खुल्लम खुल्ला यह गुंडागर्दी पर उतर आए हैं और प्रदेश के मंत्री और नेता इन आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं जिससे इनका हौसला और ज्यादा बुलंद हो रहा है।

सरकार यदि इसके बारे में कोई कदम नहीं उठाती तो मैं यही कहूंगा कि सरकार पूरी तरीके से नाकाम है सरकार को इस्तिफा दे देना चाहिए ऐसी नाकाम सरकार हम लोगों को यूपी के अन्दर हरगिज बरर्दाश्त नहीं जो सरकार अपने प्रदेश की जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी नहीं ले सकती उसे सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है यह सरकार प्रदेश में कानून व्यवस्था पर फेल हो चुकी है यही कारण है की अराजकता हद से ज्यादा बढ़ गई है।

मौलाना असद कासमी ने कहा कि मैं सरकार से यही मांग करता हूँ कि जिन लोगों ने इंस्पेक्टर की हत्या की है उकने खिलाफ कडी से कडी कार्रवाई की जाये और उनको फांसी की सजा दी जाये इस घटना से साफ नजर आता है कि यह घटना पहले से ही प्लांट की गई थी जिस तरह उधम मचाया गया उसे साफ लगता है कि यह लोग पहले से ही तैयार थे वरना इतनी मात्रा में ईंट और पत्थर हथियार कहां से आए।

मुसलमानों पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मुसलमान एक अमन पसंद लोग हैं वो सुकून और इत्मिनान के साथ इस्तमें में गये थे और सुकुन और इत्मिनान के साथ अपने घर वापस आ गये मुस्लिम धर्म के लोग कभी भी नहीं चाहते हैं कि इस देश के अंदर माहौल खराब हो हम यही चाहते हैं कि इस देश के अंदर सभी धर्म एक साथ अमन पसंदई के साथ रहे इस देश की खूबसूरती यही है कि हम सब मिलकर साथ में रहे और हमारा इस्लाम भी यही सिखाता है।